हिसार ।हरियाणा के पूर्व मंत्री एवं इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. सम्पत सिंह ने प्रदेश सरकार से सफाई कर्मचारियों के साथ हुए समझौते को लागू करने की माँग की है।
प्रो. सिंह ने यहां जारी बयान में कहा कि 13 मई को नगर निकायों के सफाई कर्मचारियों के साथ हुए समझौते को लागू नहीं किया गया, जिसके कारण कर्मचारी 6 अगस्त से हड़ताल पर हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार सफाई कर्मचारियों की मांगों और अपने वादों को नजरअंदाज करके हरियाणा के शहरों को साफ रखने की उम्मीद नहीं कर सकती। सफाई कर्मचारी शहरों की सफाई व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी जायज मांगों को लगातार टाला नहीं जा सकता।
इनेलो नेता ने कहा कि 13 मई के समझौते में पात्र ठेका सफाई कर्मचारियों को नियमित करने तथा जोखिम वाले काम करने वाले कर्मचारियों और सीवरमैन से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल थे। सरकार ने इन मांगों को मानने का भरोसा दिया था, लेकिन अभी तक इन पर उचित कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने कहा, “सफाई कर्मचारी 6 अगस्त से हड़ताल पर हैं और उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक 13 मई के समझौते को लागू नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। यह अब केवल कर्मचारियों की नौकरी या वेतन का मामला नहीं है, बल्कि हरियाणा के शहरों में जनस्वास्थ्य, सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों के सम्मान से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।”
उन्होंने कहा कि हड़ताल का असर अब शहरों में दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर कूड़े के ढेर लगने लगे हैं और सफाई व्यवस्था लगातार खराब हो रही है। यदि स्थिति इसी तरह बनी रही तो खासकर मानसून के मौसम में यह बड़ी स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी समस्या बन सकती है।
प्रो. सिंह ने कहा कि कुछ नगर निकायों में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों द्वारा सरकारी कार्यालयों पर ताले लगाने की खबरें भी सामने आई हैं। यह कर्मचारियों की नाराजगी और समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति का समाधान टकराव से नहीं, बल्कि बातचीत और आपसी सहमति से किया जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि वह सफाई कर्मचारी संगठनों के साथ तुरंत और समयबद्ध बातचीत शुरू करे तथा 13 मई के समझौते को पूरी तरह लागू करे।
उन्होंने कहा, “सरकार को स्थिति और बिगड़ने का इंतजार नहीं करना चाहिए। कर्मचारियों से बातचीत करके उनकी लंबित मांगों का समाधान किया जाए और सभी वादों को लागू करने की स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए।”
प्रो. सिंह ने कहा कि सफाई कर्मचारी कठिन और जोखिम भरे हालात में काम करते हैं और लोगों के स्वास्थ्य तथा शहरों की सफाई व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद उनकी नौकरी की सुरक्षा और सेवा की स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं है।
उन्होंने मुख्यमंत्री और शहरी स्थानीय निकाय विभाग से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने और इस गतिरोध को तुरंत समाप्त करने की अपील की।
उन्होंने कहा, “शहरों को साफ रखना सरकार की जिम्मेदारी है और सफाई कर्मचारी इस काम में सरकार के सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। सरकार को अपने समझौते का सम्मान करना चाहिए, कर्मचारियों का विश्वास बहाल करना चाहिए और ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देनी चाहिए जिससे आम नागरिकों को परेशानी उठानी पड़े।”
(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित)